अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क को ‘नेशनल मेडल ऑफ साइंस’ से सम्मानित किया। इस दौरान ट्रंप ने मस्क की जमकर तारीफ की और उन्हें आधुनिक युग का थॉमस एडिसन बताया। उन्होंने मस्क को प्रतिभाशाली, दिग्गज और अमेरिका की राष्ट्रीय धरोहर भी कहा।
यह सम्मान वॉशिंगटन डीसी में आयोजित ‘अ न्यू गोल्डन एज समिट’ के दौरान दिया गया। इस कार्यक्रम में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई बड़े उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया। ट्रंप ने अंतरिक्ष तकनीक, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और अन्य क्षेत्रों में मस्क के काम की सराहना की।
ट्रंप ने एलन मस्क की जमकर तारीफ की
एलन मस्क को मेडल देते हुए ट्रंप ने कहा कि मस्क एक दिग्गज और जीनियस हैं। उनके जैसा कोई दूसरा नहीं है। उन्होंने मस्क की तुलना मशहूर अमेरिकी आविष्कारक थॉमस एडिसन से की।
ट्रंप ने स्पेसएक्स और स्टारलिंक के विकास में मस्क के योगदान की भी तारीफ की। उनके मुताबिक, मस्क के काम ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन टेक्नोलॉजी दिग्गजों को भी मिला सम्मान
एलन मस्क के अलावा कई अन्य बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों को भी सम्मानित किया गया।
- सर्गेई ब्रिन: गूगल के सह-संस्थापक को ‘नेशनल मेडल ऑफ साइंस’ दिया गया।
- जेन्सेन हुआंग: एनवीडिया के CEO को भी इसी सम्मान से नवाजा गया।
- लिसा सु: एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस (AMD) की CEO को भी ‘नेशनल मेडल ऑफ साइंस’ मिला।
- सत्या नडेला: माइक्रोसॉफ्ट के CEO को ‘नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ दिया गया।
- माइकल डेल: डेल टेक्नोलॉजीज के CEO को भी ‘नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ से सम्मानित किया गया।
ट्रंप ने टेक्नोलॉजी लीडर्स को बताया राष्ट्रीय धरोहर
ट्रंप ने छह टेक्नोलॉजी दिग्गजों को अमेरिका की राष्ट्रीय धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि यह समारोह अमेरिकी विज्ञान और तकनीक के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। ट्रंप के मुताबिक, सम्मान पाने वाले लोगों का नाम इतिहास में दर्ज होगा।
यह पुरस्कार समारोह ‘अ न्यू गोल्डन एज’ समिट का हिस्सा था। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर चर्चा की गई।
AI के क्षेत्र में अमेरिका को आगे रखना चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में अपनी बढ़त बनाए रखनी चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे नियम नहीं बनाए जाने चाहिए, जिनसे तकनीक के विकास की गति धीमी हो।
इस कार्यक्रम के जरिए ट्रंप प्रशासन ने विज्ञान, तकनीक और AI के क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका को प्रमुखता दी।



