फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन मच्छार की हालत अब बेहतर है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं।
कैप्टन मच्छार उस समय गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जब फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 के कॉकपिट में को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला किया। घटना के दौरान विमान में 174 यात्री सवार थे।
भारतीय कैप्टन ने बचाया विमान, तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन मच्छार ने उसका सामना किया और स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। हमले में वह घायल हो गए, लेकिन विमान और उसमें सवार यात्रियों को सुरक्षित रखने में सफल रहे।
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया। कैप्टन मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भारतीय दूतावास ने दी कैप्टन मच्छार की सेहत की जानकारी
यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को बताया कि भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल जाकर कैप्टन मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की।
दूतावास ने कहा कि कैप्टन मच्छार की स्वास्थ्य स्थिति बेहतर है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बाद में यूएई लाया गया।
भारतीय मिशन ने यह भी कहा कि दूतावास स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और कैप्टन मच्छार के इलाज को लेकर जरूरी सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
पहले स्थिर बताई गई थी हालत
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने 30 सितंबर 2026 की रात बताया था कि कैप्टन मच्छार तबुक के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उस समय उनकी हालत स्थिर बताई गई थी।
पीएम मोदी ने की कैप्टन की बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान और यात्रियों को बचाने के लिए साहस दिखाया।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उनके साहस को लेकर उनकी प्रशंसा की।
UAE में घटना की जांच शुरू
घटना को लेकर संयुक्त अरब अमीरात ने गहन जांच का भरोसा दिया है। UAE के अटॉर्नी-जनरल काउंसलर डॉ. हमद अल शम्सी ने घटना की परिस्थितियों और कारणों की जांच के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के विशेष सदस्यों की एक टीम गठित करने का आदेश दिया है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉकपिट में यह घटना कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण थे।
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