जानें कब रखा जाएगा व्रत, इस बार बन रहे हैं कई शुभ योग
सावन का महीना भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने आने वाली पहली एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से भगवान शिव और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
कब है कामिका एकादशी 2026?
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार, कामिका एकादशी तिथि की शुरुआत 8 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे होगी और यह 9 अगस्त 2026 को सुबह 11:06 बजे तक रहेगी।
उदय तिथि के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त (रविवार) को रखा जाएगा।
इस बार बन रहे हैं कई शुभ योग
इस साल कामिका एकादशी पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। 9 अगस्त की रात 9:54 बजे गुरु ग्रह उदित होंगे। वहीं, मिथुन राशि में चंद्रमा और मंगल की युति से लक्ष्मी योग बनेगा। इसके अलावा गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे, जिससे हंस राजयोग का भी निर्माण होगा।
क्या है धार्मिक मान्यता?
मान्यता है कि कामिका एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर भगवान शिव की भी विशेष कृपा बनी रहती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस बार शुभ योगों में व्रत और पूजा करने से सुख, समृद्धि और शुभ फल मिलने की संभावना अधिक रहेगी।
| कामिका एकादशी तिथि का आरंभ 8 अगस्त को | दोपहर में 2 बजे से |
| कामिका एकादशी तिथि का समापन 9 अगस्त को | सुबह में 11 बजकर 6 मिनट पर |
कामिका एकादशी के दिन क्या करेंकामिका एकादशी तिथि के दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य को जल अर्पित करते हुए व्रत का संकल्प लें। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल डालकर भोग लगाएं। ऐसा करने से भगवान विष्णु अधिक प्रसन्न होते हैं।
ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति मिलती है
साथ ही इस दिन अपने घर में तुलसी के पास घी का दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से घर में दरिद्रता नहीं आती है। साथ ही माता लक्ष्मी का वास भी घर में बना रहता है। सावन में आने वाली इस एकादशी का व्रत करने से पाप से मुक्ति मिलती है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति मिलती है।
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