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NEET पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा है। पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

  • NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया.
  • लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए.
  • सभी संबंधित मामलों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किया जाएगा.
  • उच्च शिक्षा विभाग में नरेश पाल गंगवार और विद्यालय शिक्षा विभाग में टीके अनिल कुमार को नया सचिव नियुक्त किया गया. पूर्व उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज विभाग में किया गया.

बता दें कि नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में रही. इसी कारण इस साल परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई. मामले को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध जारी है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी परीक्षा सुधार की मांग को लेकर 26 दिनों की भूख हड़ताल की, जिसे उन्होंने गुरुवार (23 जुलाई) देर रात खत्म किया.

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