मस्कट: ओमान में पिछले चार महीने से फंसी एक भारतीय महिला ने भारत सरकार और भारतीय दूतावास से मदद की अपील की है। महिला का कहना है कि वह इसी साल मार्च में घरेलू सहायिका (हाउस हेल्प) की नौकरी के लिए मस्कट गई थी।
महिला का आरोप है कि मस्कट पहुंचने के बाद उसके साथ लगातार शोषण किया गया और उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चार महीने तक यह सब झेलने के बाद वह किसी तरह अपने मालिक के चंगुल से निकलने में सफल रही।
इसके बाद महिला सीधे मस्कट स्थित भारतीय दूतावास पहुंची और सुरक्षित भारत वापस लौटने के लिए मदद की गुहार लगाई। अब वह सरकार और दूतावास से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रही है।
जानकारी के अनुसार, हैदराबाद की रहने वाली शबनम बेगम इसी साल 26 मार्च को मस्कट गई थी। एक स्थानीय एजेंट ने उसे 200 ओमानी रियाल की मासिक सेलरी पर घरेलू सहायिका की नौकरी देने का वादा किया था। लेकिन जब वह मस्कट पहुंची तो उसे पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि उनका मालिक उन्हें दिन में 12-15 घंटे तक काम करने को मजबूर करता था।
शबनम बेगम से कई घरों में काम कराया जाता था और उन्हें ठीक से खाना और रहने की जगह भी नहीं दी गई थी। सबसे बड़ा जुल्म तो यह था कि चार महीने काम करने के दौरान उन्हें कोई सैलरी नहीं मिली। आखिरकार शोषण से तंग आकर वह अपने मालिक के घर से भाग निकलीं। इस समय वह मस्कट में भारतीय दूतावास में रहकर मदद की गुहार लगा रही हैं।
जयशंकर से लगा रही मदद की गुहार
महिला ने एक वीडियो जारी कर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से उसकी वापसी में मदद की गुहार लगाई है। वहीं परिवार ने भी अपील की है कि विदेश मंत्री मस्कट में भारतीय दूतावास को निर्देश दें, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उन्हें जल्द से जल्द हैदराबाद वापस लाया जा सके।
