Prayagraj Flood News: उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। प्रयागराज में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कुछ स्थानों पर सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों की मदद लेनी पड़ रही है। दूसरी ओर, झारखंड में भी मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य के कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रयागराज में भारी बारिश से बिगड़े हालात
प्रयागराज में मानसून की सक्रियता के बीच सोमवार को सीजन की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे के दौरान शहर में करीब 73 मिलीमीटर बारिश हुई। तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। कई मोहल्लों में सड़कों पर पानी जमा होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश का असर यातायात पर भी दिखाई दिया। कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। कुछ इलाकों में हालात इतने खराब हुए कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ सड़कों पर करीब 4 से 5 फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई है। ऐसे में प्रशासन की राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
नावों से लोगों का रेस्क्यू
प्रयागराज में जलभराव बढ़ने के बाद राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। पानी से घिरे इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता उन इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है, जहां पानी तेजी से बढ़ रहा है।
बाढ़ जैसे हालात के बीच लोगों से अपील की जा रही है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और पानी से भरी सड़कों या नदी के आसपास जाने से बचें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की सलाह दी जा रही है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी भी चिंता का कारण बनी हुई है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
आज भी भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
प्रयागराज में भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। लगातार बारिश की वजह से पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति और खराब हो सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने जलनिकासी के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने की चुनौती बनी हुई है।
प्रयागराज में गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संगम क्षेत्र और दूसरे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के साथ नदियों का जलस्तर बढ़ने पर जलभराव की समस्या तेजी से गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि प्रशासन बाढ़ संभावित गांवों और इलाकों में पहले से तैयारी कर रहा है। राहत शिविर, नाव और बचाव दल जैसी व्यवस्थाओं को जरूरत के मुताबिक सक्रिय किया जा सकता है।
प्रयागराज को बाद झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट
प्रयागराज के बाद अब झारखंड में भी मौसम चिंता बढ़ा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मंगलवार को झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। इसके चलते जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है।
झारखंड के कुछ जिलों में मौसम को लेकर गंभीर चेतावनी भी जारी की गई है। राज्य की ओर बढ़ रहे मौसम सिस्टम के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर
मौसम में इस बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी के आसपास बना मौसम सिस्टम बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ी हैं। झारखंड के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
सतना में मंदाकिनी नदी भी उफान पर

बारिश का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। सतना जिले में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की खबर सामने आई है। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है। नदी और घाटों के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
लगातार बारिश के कारण मध्य भारत से लेकर गंगा के मैदानी इलाकों तक कई स्थानों पर जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन के सामने एक साथ कई इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर भी परेशानी
बारिश के बीच उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी एक घटना भी सामने आई है। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क का एक हिस्सा धंसने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि मेरठ से प्रयागराज जाने वाली लेन पर करीब 10 मीटर हिस्सा प्रभावित हुआ। इसके बाद यातायात और सुरक्षा को लेकर सावधानी बढ़ाई गई।
भारी बारिश के दौरान सड़कें कमजोर होने, मिट्टी धंसने और जलभराव जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कई राज्यों में मौसम का असर
IMD के 18 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का असर यातायात और सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रयागराज में स्कूल बंद, लोगों से सावधानी की अपील
प्रयागराज में भारी बारिश और गंभीर जलभराव को देखते हुए मंगलवार, 18 अगस्त को शहर के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। लगातार बारिश से कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन लेकर जाने से बचें और नदी-नालों के पास विशेष सावधानी बरतें।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी और मध्य भारत में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहने की संभावना है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। अगर किसी इलाके में पानी तेजी से बढ़ता है तो प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर होगा।
क्या सावधानी बरतें?
भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचना चाहिए। बिजली के खंभों, खुले तारों और क्षतिग्रस्त बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए बिल्कुल नहीं जाना चाहिए।
अगर घर के आसपास पानी भर रहा है तो जरूरी सामान, दस्तावेज और मोबाइल फोन जैसी चीजों को सुरक्षित ऊंचाई पर रखना चाहिए। प्रशासन की ओर से जारी किसी भी राहत या निकासी निर्देश को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों के लिए सरकारी अलर्ट सिस्टम और स्थानीय प्रशासन की जानकारी पर नजर रखना उपयोगी रहेगा। NDMA का SACHET पोर्टल भी मौसम और आपदा संबंधी अलर्ट उपलब्ध कराता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से लेकर झारखंड और मध्य भारत तक मानसून का असर तेज हो गया है। प्रयागराज में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हैं, जबकि नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है। गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने भी चिंता बढ़ाई है। दूसरी ओर झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के चलते प्रशासन और लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है।
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