एक से ज्यादा भाई हों तो सबसे पहले किसे बांधें राखी?
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और विश्वास का प्रतीक है। इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
जब परिवार में एक से ज्यादा भाई हों, तो अक्सर सवाल उठता है कि सबसे पहले बड़े भाई को राखी बांधनी चाहिए या छोटे भाई को? क्या राखी बांधने का कोई खास क्रम होता है? आइए जानते हैं धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार क्या मान्यता है।
सबसे पहले किस भाई को राखी बांधें?
अगर परिवार में एक से ज्यादा भाई हैं, तो सामान्य पारिवारिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले बड़े भाई को राखी बांधना सम्मानजनक माना जाता है। इसके बाद छोटे भाइयों को राखी बांधी जा सकती है।
हालांकि, धर्मशास्त्रीय रूप से ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं माना जाता कि राखी सिर्फ उम्र के क्रम में ही बांधी जाए। इसका मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के बीच प्रेम, सम्मान और मंगलकामना है।
क्या बैठने के क्रम से राखी बांधनी चाहिए?
भाइयों के बैठने की जगह से राखी बांधने का कोई विशेष धार्मिक नियम नहीं जुड़ा है। अगर छोटे भाई की जगह पहले हो या किसी वजह से भाई अलग-अलग जगह बैठे हों, तो इससे राखी की शुभता पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
आप परिवार की सुविधा और अपनी परंपरा के अनुसार राखी बांध सकती हैं।
भाई से पहले किन्हें राखी बांध सकते हैं?
रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने से पहले घर के देवी-देवताओं को रक्षा सूत्र अर्पित करने की परंपरा कई परिवारों में देखने को मिलती है।
गणेश जी को रक्षा सूत्र
शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने की परंपरा है। इसलिए बहन राखी बांधने से पहले गणेश जी को रक्षा सूत्र अर्पित कर सकती है। मान्यता है कि इससे विघ्न दूर करने की प्रार्थना की जाती है।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी
रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा भी कई घरों में की जाती है। बहन भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर सकती है।
कुलदेवता या इष्टदेव को राखी
अगर परिवार में कोई कुलदेवता या इष्टदेव हैं, तो उन्हें भी सबसे पहले रक्षा सूत्र अर्पित किया जा सकता है। कई घरों में पहले रक्षा सूत्र को भगवान के चरणों में रखकर पूजा की जाती है और फिर परिवार के सदस्यों को राखी बांधी जाती है।
पालतू जानवरों को भी राखी बांध सकते हैं?
रक्षाबंधन पर कुछ परिवारों में भाई के अलावा वाहन, नई वस्तुओं और पालतू पशुओं को भी रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा है।
इसे सुरक्षा, मंगल और शुभकामना का प्रतीक माना जाता है। वाहन को राखी बांधकर उसकी सुरक्षित यात्रा की कामना की जाती है, जबकि पालतू पशुओं को रक्षा सूत्र बांधकर उनके अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है।
रक्षाबंधन का असली महत्व क्या है?
राखी बांधने का सबसे महत्वपूर्ण भाव भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के मंगल की कामना है। इसलिए भाई बड़ा हो या छोटा, राखी बांधने का उद्देश्य रिश्ते को मजबूत करना और एक-दूसरे के सुख की कामना करना है।
FAQ
रक्षाबंधन पर सबसे पहले किस भाई को राखी बांधनी चाहिए?
अगर परिवार में एक से अधिक भाई हैं तो सामान्य पारिवारिक परंपरा में बड़े भाई से राखी बांधने की शुरुआत करना उचित माना जाता है. इसके बाद छोटे भाइयों को राखी बांधी जा सकती है.
हालांकि शास्त्रों में बैठने के क्रम को लेकर कोई विशेष नियम नहीं बताया गया है.
क्या भाई से पहले भगवान को राखी बांध सकते हैं?
हां, श्रद्धा के अनुसार भाई को राखी बांधने से पहले गणेश जी, इष्टदेव या कुलदेवता को रक्षा सूत्र अर्पित किया जा सकता है. कई परिवारों में पूजा के दौरान देवता के चरणों में रक्षा सूत्र रखकर मंगल और सुरक्षा की कामना की जाती है.
क्या रक्षाबंधन पर नई वस्तुओं और वाहन को भी राखी बांध सकते हैं?
हां, कई परिवारों में रक्षाबंधन पर नई वस्तु, वाहन आदि को रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा है. इसके पीछे मान्यता है कि रक्षा सूत्र सुरक्षा और मंगल का प्रतीक है. इसे बांधते समय वस्तु के सुरक्षित रहने की कामना की जाती है.
क्या पालतू पशुओं को भी रक्षाबंधन पर राखी बांध सकते हैं?
हां, श्रद्धा के अनुसार पालतू पशुओं को भी रक्षा सूत्र बांधा जा सकता है. इसे उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु की मंगलकामना से जोड़ा जाता है. हालांकि राखी या धागा इस तरह बांधना चाहिए कि पशु को किसी तरह की असुविधा या चोट न हो.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि NAV24news किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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