राम मंदिर दान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछे सवाल, नई SIT बनाने का दिया सुझाव
नई दिल्ली: राम मंदिर दान से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि अगर पहले बनाई गई SIT सिर्फ शुरुआती जांच के लिए थी, तो अब पूरे मामले की जांच के लिए नई SIT बनाई जा सकती है।
सॉलिसिटर जनरल ने क्या बताया?
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि पहली SIT का काम केवल यह पता लगाना था कि मामले में कोई संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं। जांच के बाद SIT ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मामला दर्ज करने योग्य अपराध बनता है। इसके आधार पर FIR दर्ज कर ली गई।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा SIT अब इस मामले की विस्तृत जांच नहीं कर रही है।
नई SIT बनाने का सुझाव
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि FIR दर्ज होने के बाद जांच के लिए कोई नई SIT बनाई गई है या नहीं। जब सरकार की ओर से बताया गया कि अभी तक नई SIT का गठन नहीं हुआ है, तो कोर्ट ने सुझाव दिया कि निष्पक्ष और पूरी जांच के लिए अलग SIT बनाई जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी।
कोर्ट ने आज कहा कि पहले वाली SIT में लखनऊ के कमिश्नर, वित्त विभाग के विशेष सचिव और लखनऊ के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि अब उसी वरिष्ठ IPS अधिकारी की अगुवाई में नई SIT बनाकर पूरे मामले की जांच कराई जाए।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि अदालत इस मामले में बहुत सावधानी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। अदालत सिर्फ यह चाहती है कि जांच सही तरीके से पूरी हो और मामले का तार्किक नतीजा सामने आए।
उत्तर प्रदेश सरकार से निर्देश लेकर कोर्ट को बताएं- CJI
सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वह इस सुझाव पर उत्तर प्रदेश सरकार से निर्देश लेकर अदालत को बताएं। हालांकि, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतिम आदेश या निर्देश जारी नहीं किया है।
