नई दिल्ली: केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर किया गया है। रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन उनका कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार नहीं बनाया।
हालांकि, राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी वह करीब एक महीने तक रेल राज्य मंत्री के पद पर बने रहे। अब उनका इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही उन्होंने आधिकारिक रूप से मंत्रिपरिषद से पद छोड़ दिया।
केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की काफी वक्त से थी गुंजाइश
रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देना और भाजपा का उन्हें दोबारा राज्यसभा न भेजना कोई अचानक हुआ घटनाक्रम नहीं है.
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की गुंजाइश काफी वक्त से थी
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की गुंजाइश काफी वक्त से लगाई जा रही थी और मंत्रियों के फेरबदल में रवनीत सिंह बिट्टू का नाम की भी खूब चर्चा हो रही थी.
वहीं, एक चर्चा यह भी सामने आई थी कि पंजाब में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (BJP) रवनीत सिंह बिट्टू को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटाकर पंजाब भेज सकती है और पंजाब में संगठन को मजबूत के लिए उन्हें पंजाब की सक्रिय राजनीति में उतार सकती है, यानी BJP रवनीत बिट्टू को पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका के साथ उतार सकती है.
