मानसून में बढ़ जाता है टाइफाइड का खतरा
बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं। इसी वजह से मानसून के दौरान टाइफाइड के मामले भी बढ़ जाते हैं। यह एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Salmonella Typhi नामक बैक्टीरिया से होता है। भारत समेत कई विकासशील देशों में टाइफाइड एक आम बीमारी है। यह मुख्य रूप से दूषित भोजन और गंदा पानी पीने से फैलती है।
हर साल टाइफाइड से लाखों लोग होते हैं प्रभावित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, साल 2019 में दुनिया भर में करीब 90 लाख लोग टाइफाइड से संक्रमित हुए थे, जबकि 1.10 लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हुई थी। हालांकि, अच्छी स्वच्छता, साफ पानी, सुरक्षित भोजन और समय पर टीकाकरण से इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कैसे फैलता है टाइफाइड ?
विशेषज्ञों के अनुसार, टाइफाइड फीकल-ओरल (Fecal-Oral) मार्ग से फैलता है। यानी यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित पानी या भोजन कोई दूसरा व्यक्ति खा या पी ले, तो Salmonella Typhi बैक्टीरिया शरीर में पहुंचकर संक्रमण फैला सकता है।
टाइफाइड फैलने के मुख्य कारण
- दूषित या गंदा पानी पीना
- सड़क किनारे अस्वच्छ भोजन खाना
- खाना बनाने या खाने से पहले हाथ न धोना
- संक्रमित व्यक्ति द्वारा बनाया गया भोजन खाना
- खराब सीवेज और साफ-सफाई की कमी

कैसे करें बचाव?
- हमेशा उबला या साफ पानी पिएं।
- ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाएं।
- खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं।
- खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से टाइफाइड का टीका लगवाएं।
संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है?
एनसीबीआई और डब्लूएचओ के अनुसार हालांकि टाइफाइड किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका जोखिम अधिक होता है। इनको आगे बताया गया है।
- 5 से 15 वर्ष के बच्चे
- खराब स्वच्छता वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग
- दूषित पानी का उपयोग करने वाले परिवार
- बार-बार यात्रा करने वाले, विशेषकर टाइफाइड-प्रभावित देशों में
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Low Immunity) वाले लोग
- स्वास्थ्यकर्मी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले लोगों को खतरा अधिक होता है।
रोजमर्रा की 7 आदतें जो टाइफाइड से बचा सकती हैं
डब्लूएचओ और सीडीसी के अनुसार यदि आप आगे बताई सावधानियां बरतते हैं तो टाइफाइड से बचाव किया जा सकता है।
खाना खाने से पहले, खाना बनाने से पहले और शौचालय के बाद कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना संक्रमण से बचाव का सबसे आसान तरीका है।
उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सीलबंद बोतल का पानी ही पिएं। यदि पानी की गुणवत्ता संदिग्ध हो, तो उसे कम से कम 1 मिनट तक उबालें।
भोजन को हाई टेम्परेचर में पकाने से टाइफाइड फैलाने वाला बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। अधपका भोजन संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
कच्चे फल और सब्जियों को साफ पानी से धोएं। यदि संभव हो तो ऐसे फल चुनें जिन्हें छीलकर खाया जा सके।
खुले में रखे खाद्य पदार्थ मक्खियों और दूषित धूल के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
खाना बनाने के बर्तन, किचन स्लैब और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें।
स्वच्छ शौचालय और उचित सीवेज व्यवस्था संक्रमण की चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कैसे बरते सावधानी
बता दें कि टाइफाइड एक ऐसी बीमारी है जिससे सही सावधानी बरतकर आसानी से बचा जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि साफ-सफाई का ध्यान रखें और सुरक्षित भोजन व पानी का सेवन करें। टाइफाइड से बचने के लिए हमेशा साफ या उबला हुआ पानी पिएं, ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं और खाने से पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।
इसके अलावा, खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थ खाने से बचें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से टाइफाइड का टीका भी लगवाया जा सकता है। ़
अगर आपको लगातार तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी या टाइफाइड जैसे अन्य लक्षण महसूस हों, तो इलाज में देरी न करें। तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं और उनकी सलाह के अनुसार उपचार शुरू करें। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान, सही इलाज और अच्छी स्वच्छता ही टाइफाइड से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
