अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के मशहद शहर में दो अहम पुलों पर हमला किया है। मशहद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का गृह नगर माना जाता है। बताया जा रहा है कि उनके अंतिम संस्कार से पहले हुए इस हमले ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।
खामेनेई को गुरुवार (9 जुलाई) को उनके गृह शहर मशहद में दफनाया जाएगा और अमेरिका ने इसी शहर के दो पुल उड़ा दिए. ईरान ने इस हमले के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप खामेनेई के जनाजे को प्रभावित करने की कोशिश में हैं. अहम बात यह भी है कि मशहद में एक होटल पर बैनर लगा है, जिस पर लिखा है – ‘We will kill Trump.’ ईरान के लोगों में ट्रंप और अमेरिका के प्रति भयंकर गुस्सा भरा है.
जेडी वेंस ने ईरान को दी सख्त चेतावनी
ईरान ने अमेरिका के नौसेना मुख्यालय के पास हमला कर दिया है. उसने और भी कई ठिकानों को निशाना बनाया है. इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ईरान ने कमर्शियल जहाजों पर हमले फिर से शुरू करके अमेरिका के साथ हालिया समझौते का उल्लंघन किया है.
वेंस ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में फिर से जहाजों को रोकने की कोशिश की तो करारा जवाब दिया जाएगा.
अमेरिका को युद्ध की वजह से भारी नुकसान हुआ
गौरतलब है कि अमेरिका को युद्ध की वजह से भारी नुकसान हुआ है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिकी वायुसेना के 30 MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक MQ-9 रीपर ड्रोन की अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ डॉलर (30 मिलियन डॉलर) है.
