देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान आग लगने की तीन बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. इन हादसों में कई दुकानों, गोदामों और एक कार शोरूम को भारी नुकसान पहुंचा है. आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. राहत की बात यह है कि इन घटनाओं में अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन कुल सात लोग घायल हुए हैं.
दिल्ली के साकेत इलाके में KIA कार शोरूम में आग लग गई. वहीं, गांधी नगर और करोल बाग के व्यावसायिक इलाकों में भी भीषण आग ने काफी नुकसान पहुंचाया. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इन घटनाओं में करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है.
साकेत में KIA कार शोरूम में लगी भीषण आग
आग लगने की पहली बड़ी घटना शुक्रवार शाम दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के सामने हुई. यहां स्थित KIA कार शोरूम में अचानक आग लग गई. शाम करीब 3:45 बजे दमकल विभाग को इसकी सूचना मिली.
शुरुआत में आग बुझाने के लिए 10 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण दमकल की गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर 13 कर दी गई. काफी मेहनत के बाद शाम करीब 6:20 बजे आग पर काबू पाया गया.
इस दौरान शोरूम के अंदर कई लोग फंस गए थे. राहत और बचाव अभियान में कुल 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें से सात लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. चार घायलों को मैक्स अस्पताल और तीन को मदन मोहन मालवीय अस्पताल भेजा गया. घायलों में दो महिलाएं भी शामिल हैं.
सीढ़ियों की मदद से बाहर निकाले गए लोग
आग बुझाने के साथ-साथ दमकलकर्मियों के सामने शोरूम में फंसे लोगों को बाहर निकालने की चुनौती भी थी. इमारत के ऊपरी हिस्से में फंसे लोगों को सीढ़ियों की मदद से बाहर निकाला गया. कुछ लोगों को पीछे के रास्ते से सुरक्षित बाहर लाया गया.
शोरूम के बेसमेंट में भी तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन वहां कोई व्यक्ति फंसा हुआ नहीं मिला. इस दौरान एक दमकलकर्मी भी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है. हालांकि, असली कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा.
गांधी नगर में कपड़ों की दुकानों और गोदामों में लगी आग
दूसरी बड़ी घटना शुक्रवार सुबह पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके के शांति मोहल्ले में हुई. यहां कपड़ों की दुकानों और गोदामों वाली एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं से भर गई.
घटना के समय इमारत में करीब 80 लोग मौजूद थे. हालांकि, सभी लोग समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे. इससे एक बड़ा हादसा टल गया.
आग बुझाने के लिए दमकल की 16 गाड़ियों को लगाया गया. लेकिन इलाके की संकरी गलियों के कारण दमकलकर्मियों को काफी परेशानी हुई. गाड़ियां इमारत तक नहीं पहुंच पाईं, जिसके चलते उन्हें गली में ही खड़ा करके आग बुझानी पड़ी.
करीब आठ घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया. इमारत में कपड़ों का कारोबार और गोदाम होने के कारण भारी नुकसान हुआ है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, करोड़ों रुपये का माल जलकर खाक हो सकता है.
करोल बाग की चार मंजिला इमारत में लगी आग
तीसरी घटना करोल बाग की गफ्फार मार्केट में हुई. यहां गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने इमारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया.
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया. करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. इस हादसे में किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है, लेकिन इमारत को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, बैटरी के ज्यादा गर्म होने के बाद उसमें विस्फोट हुआ, जिससे आग लगने की आशंका जताई जा रही है.
इस तरह दिल्ली में महज 24 घंटे के अंदर आग की तीन बड़ी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है. दमकल विभाग की टीमों ने समय रहते राहत और बचाव अभियान चलाकर कई लोगों की जान बचाई. हालांकि, इन हादसों में संपत्ति का भारी नुकसान होने का अनुमान है.



