पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. यहां की राजधानी मुजफ्फराबाद में आम लोगों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच जोरदार झड़प हुई है. इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं. लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
बताया जा रहा है कि रावलाकोट में पिछले तीन दिनों से पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई जारी है. सेना पर गोलीबारी, ड्रोन हमले और RPG-7 रॉकेट से प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने का आरोप है. इसी कार्रवाई के विरोध में शनिवार को मुजफ्फराबाद में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे लगाए.
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प
मुजफ्फराबाद में बढ़ते विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और PoK पुलिस को तैनात किया गया है. आरोप है कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की और आंसू गैस के गोले छोड़े.
वहीं, रावलाकोट में सेना की कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों ने अपर प्लेट और चेला बंदी इलाकों में टायर जलाकर प्रदर्शन किया. फिलहाल पूरे मुजफ्फराबाद में धारा 144 लागू है. इलाके में दुकानें बंद हैं और सुरक्षाबलों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना हुआ है.
150 दिनों से रावलाकोट में चल रहा है प्रदर्शन
रावलाकोट में पिछले करीब 150 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से हटाने के लिए गुरुवार को पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कोर (FC) ने अभियान शुरू किया था. यह कार्रवाई अब भी जारी है.
इस दौरान सुरक्षाबलों ने रावलाकोट बस टर्मिनल स्थित एक धरना स्थल पर कब्जा कर लिया है. वहीं, दूसरे धरना स्थल उमर फारूक चौक पर रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में गोलीबारी और हमलों के कारण 9 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद करीब 20 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी गोलीबारी और ड्रोन हमलों के बीच धरना स्थलों पर डटे हुए हैं. इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है.



