16वां भारतीय अंगदान दिवस मनाया गया
देश में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए सोमवार (3 अगस्त) को 16वां भारतीय अंगदान दिवस मनाया गया। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कई नई पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अंगदान सबसे बड़ा मानव सेवा का काम है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी मिलती है।

अंगदान जागरूकता अभियान का लोगों पर अच्छा असर पड़ा
मंत्री ने बताया कि 2023 में राष्ट्रीय डिजिटल अंगदान पोर्टल शुरू होने के बाद अब तक 5 लाख से ज्यादा लोगों ने आधार सत्यापन के साथ अंगदान की शपथ ली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और सरकार के जागरूकता अभियान का लोगों पर अच्छा असर पड़ा है।
भारत में अंग प्रत्यारोपण लगातार बढ़ रहा
अनुप्रिया पटेल ने बताया कि भारत में अंग प्रत्यारोपण लगातार बढ़ रहा है। 2013 में 4,990 अंग प्रत्यारोपण हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 20,138 हो गई। इसके साथ ही अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया में सबसे ज्यादा अंग प्रत्यारोपण करने वाला तीसरा देश बन गया है।
मृत अंगदाताओं से होने वाले प्रत्यारोपण की संख्या बढ़ी
उन्होंने यह भी बताया कि मृत अंगदाताओं से होने वाले प्रत्यारोपण की संख्या भी 2013 के 837 से बढ़कर 2025 में 3,526 हो गई है। हालांकि, उन्होंने माना कि अभी भी अंगों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है।
इस मौके पर केंद्र सरकार ने ‘जुग जुग जियो अभियान’ की शुरुआत भी की। यह एक साल तक चलने वाला जागरूकता अभियान होगा, जिसका उद्देश्य देशभर के लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है।
सरकार ने लॉन्च किया मोबाइल ऐप
सरकार ने ‘ई-प्रत्यारोपण’ नाम का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए अस्पताल, डॉक्टर, मरीज, अंगदाता और अन्य सभी संबंधित संस्थाएं एक ही डिजिटल नेटवर्क से जुड़ सकेंगी. इससे रजिस्ट्रेशन, वेटिंग लिस्ट, अंग आवंटन और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी.
इसके अलावा NOTTO मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया, जिससे आम लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़ी जानकारी और सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी.
आयुष्मान भारत में किडनी प्रत्यारोपण भी शामिल
कार्यक्रम के दौरान ब्रेन स्टेम डेथ सर्टिफिकेशन के राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और स्वैप ट्रांसप्लांटेशन गाइडलाइंस भी जारी की गईं. इनका उद्देश्य पूरे देश में अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को एक समान, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है.
आज भी अंगदान को लेकर गलत धारणाएं
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कई लोग आज भी अंगदान को लेकर गलत धारणाएं रखते हैं, जबकि देश का कोई भी प्रमुख धर्म अंगदान का विरोध नहीं करता. सभी धर्म मानव सेवा और जीवन बचाने को सर्वोच्च मानते हैं.
उन्होंने बताया कि सरकार राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम के तहत राज्यों को बुनियादी ढांचे, अंग संरक्षण, परिवहन और अन्य सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता दे रही है.
वहीं, आयुष्मान भारत योजना में किडनी प्रत्यारोपण को भी शामिल किया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मदद मिल रही है.
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