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बारिश के मौसम में कैसे करें बचाव

मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ मच्छर, मक्खियां और दूसरे कीड़े-मकौड़ों की परेशानी भी बढ़ जाती है। घर के आसपास जमा पानी, नमी और खुला खाना इन्हें तेजी से आकर्षित करता है।

यही मच्छर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां भी फैला सकते हैं। ऐसे में सिर्फ घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने के बजाय घर की साफ-सफाई और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना ज्यादा जरूरी है।

मानसून में घर के आसपास पानी जमा न होने दें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। इसलिए घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें।

  • कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें।
  • बाल्टी, गमलों की ट्रे और एसी की ट्रे में पानी जमा न रहने दें।
  • पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखें।
  • बारिश के बाद छत और बालकनी में जमा पानी तुरंत साफ करें।

मानसून में खिड़की और दरवाजों पर जाली लगाएं

अगर घर में मच्छर और मक्खियां आसानी से आ रहे हैं, तो खिड़कियों और दरवाजों पर मजबूत जाली लगाएं। जहां कहीं गैप हो, उसे बंद कर दें। खासकर शाम के समय दरवाजे ज्यादा देर तक खुले न रखें।

मानसून में खाना हमेशा ढककर रखें

मक्खियां और कॉकरोच खुले भोजन और कचरे की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं।

  • पका हुआ खाना हमेशा ढककर रखें।
  • खाने के बाद टेबल और किचन तुरंत साफ करें।
  • ढक्कन वाले डस्टबिन का इस्तेमाल करें।
  • कूड़ा लंबे समय तक घर में जमा न रखें।
  • रातभर सिंक में गंदे बर्तन छोड़ने से बचें।

मानसून में घरेलू उपाय भी कर सकते हैं मदद

नीम का तेल, लौंग, दालचीनी और सिट्रोनेला जैसी चीजें कुछ हद तक मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती हैं। लेकिन इन पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय घर की साफ-सफाई और पानी जमा होने से रोकना सबसे प्रभावी तरीका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर घर साफ रखा जाए और मच्छरों को पनपने का मौका न मिले, तो बारिश के मौसम में कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

मानसून में घर के अंदर नमी बढ़ना आम समस्या है

मानसून में घर के अंदर नमी बढ़ना आम समस्या है. बाथरूम, किचन और कम हवादार कमरों में नमी ज्यादा समय तक रह सकती है. ऐसे में एग्जॉस्ट फैन चलाना और जहां संभव हो वहां वेंटिलेशन बेहतर रखना फायदेमंद हो सकता है.

लकड़ी के फर्नीचर को भी लगातार नमी से बचाना चाहिए. नम लकड़ी दीमक के लिए अनुकूल हो सकती है. इसलिए लकड़ी के फर्नीचर को सूखा रखें और दीवार में सीलन होने पर फर्नीचर को उससे सटाकर रखने से बचें.

मानसून नीम का तेल कहां आ सकता है काम?

नीम के तेल को लेकर हुई कुछ रिसर्च में लकड़ी को दीमक से बचाने में इसके संभावित फायदे सामने आए हैं. ऐसे में इसे लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए बचाव के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

हालांकि, अगर फर्नीचर में पहले से बहुत ज्यादा दीमक लग चुकी है तो केवल नीम के तेल पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लेना बेहतर हो सकता है.

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