घर की दीवारों पर पेंट अचानक फूलने लगे या छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देने लगें, तो इसे सिर्फ पेंट की खराबी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार इसके पीछे दीवार में नमी, पानी का रिसाव या पेंट करने से पहले सतह की ठीक से तैयारी न होना कारण हो सकता है।
अगर समय रहते समस्या का पता नहीं लगाया गया, तो पेंट धीरे-धीरे उखड़ सकता है और बाद में दीवार की मरम्मत पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
पेंट में बुलबुले क्यों बनते हैं?
पेंट के नीचे बनने वाले बुलबुले आमतौर पर छोटे गोल या उभरे हुए निशान की तरह दिखाई देते हैं। कई बार पेंट दीवार से अलग होता हुआ भी नजर आता है। यह समस्या सिर्फ दीवारों पर ही नहीं, बल्कि छत पर भी हो सकती है।
इसका सबसे बड़ा कारण दीवार में मौजूद नमी या पानी का रिसाव हो सकता है। दीवार के अंदर से नमी पेंट और सतह के बीच पहुंच जाती है। इससे पेंट की पकड़ कमजोर हो जाती है और वह फूलकर बुलबुले जैसा दिखने लगता है।
दोबारा पेंट करने से पहले कारण पता करें
बुलबुले वाली जगह पर सीधे नया पेंट कर देना सही तरीका नहीं है। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि नमी कहां से आ रही है।
अगर प्रभावित दीवार के पास पानी की पाइपलाइन है, उसके दूसरी तरफ बाथरूम है या बारिश के समय उस हिस्से में सीलन आती है, तो पानी का रिसाव इसकी वजह हो सकता है। किचन और बाथरूम जैसी ज्यादा नमी वाली जगहों पर भी पेंट फूलने की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
इसलिए पहले नमी या पानी के रिसाव की समस्या को ठीक करना जरूरी है। इसके बाद खराब पेंट को हटाकर सतह को अच्छी तरह सुखाकर और तैयार करके ही दोबारा पेंट करना चाहिए।
दीवार का पेंट फूलने पर क्या करें?
लीकेज ठीक करने से लेकर प्राइमर लगाने तक, इन आसान तरीकों से दोबारा पेंट खराब होने से बचाएं
अगर दीवार के पेंट के नीचे बुलबुले बन रहे हैं, तो सिर्फ पेंट हटाकर दोबारा रंग करना काफी नहीं है। पहले यह पता लगाना जरूरी है कि समस्या किस वजह से हो रही है।
पानी का रिसाव है तो पहले उसे ठीक करें
अगर बुलबुले पानी के रिसाव की वजह से बन रहे हैं, तो सबसे पहले लीकेज को ठीक कराएं। पाइप से पानी का रिसाव, छत से पानी टपकना या बारिश का पानी बाहरी दीवार से अंदर आना इसकी वजह हो सकता है।
लीकेज ठीक होने के बाद तुरंत पेंट न करें। दीवार के अंदर मौजूद नमी को पूरी तरह सूखने दें। नम दीवार पर पेंट करने से कुछ समय बाद फिर से बुलबुले और पेंट उखड़ने की समस्या हो सकती है।
खराब पेंट को सावधानी से हटाएं
दीवार पूरी तरह सूख जाने के बाद उभरे हुए और ढीले पेंट को हटाएं। इसके लिए स्क्रेपर या पुट्टी नाइफ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सिर्फ खराब और ढीले पेंट को ही हटाएं। जो पेंट दीवार पर अच्छी तरह चिपका हुआ है, उसे हटाने की जरूरत नहीं है।
पेंट हटाने के बाद अगर सतह ऊबड़-खाबड़ हो जाए, तो सैंडपेपर से हल्के हाथों से घिसकर उसे बराबर किया जा सकता है।
पेंट करने से पहले दीवार साफ करें
दीवार पर मौजूद धूल, ग्रीस या फफूंदी भी पेंट की पकड़ को कमजोर कर सकती है। इसलिए नया पेंट लगाने से पहले सतह को अच्छी तरह साफ करें।
अगर दीवार पर फंगस या फफूंदी है, तो उसे पहले साफ करें और दीवार को पूरी तरह सूखने दें। पेंट करने से पहले यह जरूर जांच लें कि सतह पर नमी या धूल न बची हो।
प्राइमर लगाना जरूरी
सतह तैयार होने के बाद सीधे पेंट करने के बजाय जरूरत के अनुसार उपयुक्त प्राइमर लगाना बेहतर होता है। प्राइमर दीवार और पेंट के बीच एक मजबूत बेस बनाने में मदद करता है।
प्राइमर को बराबर मात्रा में लगाएं और उसे अच्छी तरह सूखने दें। इसके बाद ही पेंट करें। अगर दीवार में पहले नमी की समस्या रही है, तो नमी वाली दीवारों के लिए उपयुक्त प्राइमर और ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करना चाहिए।
इस तरह पेंट करने से पहले सही तैयारी करने पर दीवार पर दोबारा बुलबुले बनने और पेंट उखड़ने की संभावना कम की जा सकती है।
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