भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी की रात भगवान कृष्ण की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में जन्माष्टमी की रात किए जाने वाले कुछ उपाय बताए गए हैं। माना जाता है कि इनसे धन, करियर और पारिवारिक जीवन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।
1. दूध, दही और शहद से करें अभिषेक
धन से जुड़ी परेशानियों के लिए जन्माष्टमी की रात बाल गोपाल का दूध, दही, शहद और केसर से अभिषेक करने की परंपरा है।
इसके अलावा दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान कृष्ण का अभिषेक भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और रुके हुए धन की प्राप्ति का रास्ता खुलता है।
2. कान्हा को चढ़ाएं बांसुरी और मुकुट
अगर करियर में बार-बार रुकावट आ रही है तो जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को चांदी की बांसुरी और मुकुट अर्पित करने की मान्यता है।
अगर चांदी की बांसुरी उपलब्ध न हो तो लकड़ी की बांसुरी भी चढ़ाई जा सकती है। मान्यता के अनुसार, इससे सफलता के रास्ते खुलते हैं और मान-सम्मान बढ़ता है।
3. पीले कपड़े और मोर पंख करें अर्पित
पारिवारिक सुख और शांति के लिए जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल को पीले रंग के नए वस्त्र पहनाने की परंपरा है। उनके पास मोर पंख भी रखा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीला रंग सकारात्मकता और समृद्धि से जुड़ा माना जाता है, जबकि मोर पंख को घर की नकारात्मकता दूर करने वाला माना जाता है।
4. माखन-मिश्री और धनिये की पंजीरी का भोग लगाएं
भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री बेहद प्रिय माने जाते हैं। जन्माष्टमी की पूजा के बाद कान्हा को माखन-मिश्री और धनिये की पंजीरी का भोग लगाया जाता है।
भोग के ऊपर तुलसी का पत्ता रखना भी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है।
5. 108 बार करें कृष्ण मंत्र का जाप
करियर और सफलता के लिए जन्माष्टमी की रात शांत मन से बैठकर “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है।
तुलसी की माला से इस मंत्र का 108 बार जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे मन को शांति और आत्मविश्वास मिलता है।
जन्माष्टमी पर इन बातों का रखें ध्यान
जन्माष्टमी के दिन घर की साफ-सफाई रखने और पूजा के दौरान सकारात्मक माहौल बनाए रखने की परंपरा है। व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार मध्यरात्रि पूजा के बाद या अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करते हैं।
इस दिन किसी से कटु शब्द न बोलने और भगवान कृष्ण की पूजा पूरे श्रद्धा और प्रेम के साथ करने की सलाह दी जाती है।
डिस्क्लेमर: ये उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनसे होने वाले लाभ की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है।
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