कल देशभर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान कृष्ण के लिए व्रत रखते हैं और मंदिरों को खास तरीके से सजाया जाता है। रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।
जन्माष्टमी पर बाल गोपाल यानी लड्डू गोपाल की पूजा का खास महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा पूरी श्रद्धा, संयम और सात्त्विकता के साथ करनी चाहिए। आइए जानते हैं जन्माष्टमी के व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं और पूजा कैसे करें।
जन्माष्टमी व्रत में क्या खा सकते हैं?
जन्माष्टमी के व्रत में आमतौर पर अनाज और दाल का सेवन नहीं किया जाता। भक्त अपनी क्षमता और परिवार की परंपरा के अनुसार निर्जला व्रत या फलाहार रख सकते हैं।
व्रत के दौरान इन चीजों का सेवन किया जा सकता है:
- केला, सेब, अनार, पपीता और नाशपाती जैसे फल
- दूध और दही
- मखाना और साबूदाना
- सूखे मेवे
- सिंघाड़े का आटा
- आलू और शकरकंद
- सेंधा नमक
व्रत में किन चीजों से बचें?
जन्माष्टमी के व्रत में आमतौर पर चावल, गेहूं, दाल और दूसरे अनाज खाने से बचने की परंपरा है।
इसके अलावा व्रत के दौरान प्याज, लहसुन, मांस, मछली, अंडा और सामान्य नमक का सेवन नहीं किया जाता। हालांकि, व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में अलग हो सकते हैं।
जन्माष्टमी पर ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा
1. सुबह करें पूजा की शुरुआत
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
2. पूजा स्थल को सजाएं
घर के मंदिर और पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ करें। लड्डू गोपाल को सुंदर कपड़े, आभूषण, मोरपंख, बांसुरी और फूलों से सजाएं। भगवान के पालने को भी सजाया जा सकता है।
3. दिनभर करें भगवान का स्मरण
व्रत के दौरान भगवान कृष्ण के मंत्र और नाम का जाप करें। भजन सुनें और श्रीकृष्ण की लीलाओं का पाठ करें। अपनी परंपरा के अनुसार फलाहार कर सकते हैं।
4. रात 12 बजे करें अभिषेक
जन्माष्टमी की रात भगवान कृष्ण के जन्म के समय लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद चंदन, फूल, फल, मेवे, मिठाई और तुलसी अर्पित करें।
5. लगाएं माखन-मिश्री का भोग
भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री, दूध, दही और फल का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। रात 12 बजे शंख और घंटी बजाकर कृष्ण जन्म का उत्सव मनाएं और लड्डू गोपाल को पालने में झुलाएं।
जन्माष्टमी पर क्या नहीं करना चाहिए?
जन्माष्टमी के दिन सिर्फ खान-पान ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और आचरण का भी ध्यान रखने की परंपरा है।
इस दिन किसी से अपशब्द बोलने, झगड़ा करने या किसी का अपमान करने से बचें। घर में शांत और भक्तिमय माहौल बनाए रखें। भगवान कृष्ण का ध्यान करें और प्रेम, संयम व सकारात्मकता के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाएं।
यह भी पढ़े- जन्माष्टमी की रात करें ये 5 आसान उपाय, धन से लेकर करियर और परिवार की परेशानियां होंगी दूर!



