उत्तर प्रदेश के नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की खबर है। बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद कुछ यात्रियों ने जो बताया, उससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। मृतकों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। जेवर थाना क्षेत्र के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर अचानक बस में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
यात्रियों ने बताया कैसे बची जान
हादसे में बचने वाले एक यात्री ने बताया कि वह बस में सो रहा था। तभी किसी ने उसे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है। इसके बाद सभी यात्री बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
यात्री के मुताबिक, बस के अंदर काफी धुआं भर गया था और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो रहा था। घबराहट और अफरा-तफरी के बीच किसी तरह कुछ लोग बस से बाहर निकल पाए।
जूते तक पहनने का समय नहीं मिला
एक महिला यात्री ने बताया कि वह भी बस में सो रही थी। अचानक दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली। बस के अंदर पहले से काफी भीड़ थी। आग की जानकारी मिलते ही वह बिना सामान लिए बाहर निकलने लगी।
महिला ने बताया कि उसे जूते पहनने तक का समय नहीं मिला। उसने सिर्फ अपना फोन उठाया और बाहर भागी। बस में इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। इसी दौरान किसी ने उसे खींचकर बस से बाहर निकाला।
महिला के मुताबिक, बाहर निकलने के बाद चारों तरफ धुआं ही धुआं था और उसे कुछ समय तक कुछ समझ नहीं आया। उसने बताया कि उसके पीछे कई लोग थे, लेकिन वे बाहर निकल पाए या नहीं, उसे इसकी जानकारी नहीं है।
बस में 40-50 यात्री होने का दावा
बताया जा रहा है कि बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
हादसे में घायल यात्रियों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों की ओर से मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि की जा रही है।
वही उत्तर प्रदेश के नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस हादसे में मार गए लोगों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपए व घायलों के लिए 50-50 हजार रूपए की मदद का ऐलान किया है. उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज दिलाने के निर्देश दिए हैं.



