दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने नकली नोट बनाने और उन्हें सप्लाई करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 18.23 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं।
बरामद नकली नोटों में 500 और 100 रुपये के तैयार और अधबने नोट शामिल हैं। पुलिस ने नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला लैपटॉप, हार्ड डिस्क, कलर प्रिंटर, प्रिंटिंग मशीन, स्याही, वॉटरमार्क डाई, सिक्योरिटी थ्रेड और अन्य सामान भी जब्त किया है।
दिल्ली में 1 अक्टूबर को पहली गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर को जनकपुरी इलाके में अंकित कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 500 रुपये के 250 नकली नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 1.25 लाख रुपये थी।
पूछताछ में अंकित ने पुलिस को बताया कि उसे ये नकली नोट गगनदीप सिंह उर्फ मन्नी और कुलवंत सिंह उर्फ काके से मिले थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को 2 अक्टूबर को पटेल नगर के बलजीत नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली: कमरे से करीब 17 लाख के नकली नोट बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर एक किराए के कमरे की तलाशी ली। वहां से करीब 16.98 लाख रुपये के तैयार और अधबने नकली नोट बरामद किए गए। इस मामले में पुलिस ने कमरे के मालिक अमित को भी गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि अमित को कमरे में चल रही गतिविधियों की जानकारी थी। बाद में वह भी नकली नोट बनाने के काम में शामिल हो गया।
ऑनलाइन वीडियो से सीखा नकली नोट बनाना
पुलिस के मुताबिक, गगनदीप को प्रिंटिंग और डाई-कटिंग का अनुभव था, जबकि कुलवंत को ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोशॉप की जानकारी थी। दोनों ने कथित तौर पर ऑनलाइन वीडियो और ट्यूटोरियल देखकर नकली नोट बनाने का तरीका सीखा।
अब पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच की जा रही है कि नकली नोट कहां सप्लाई किए जाने थे और इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इस मामले में जनकपुरी थाने में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।
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