नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नावी पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्हें शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। समिति ने उनके प्रयासों को असाधारण बताया है।
नावी पिल्लै वकील और जज रह चुकी हैं। वह दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में पहली गैर-श्वेत महिला जज बनी थीं। उन्होंने रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में भी अहम भूमिका निभाई थी।
नावी पिल्लै को कितनी मिलेगी पुरस्कार राशि?
नोबेल शांति पुरस्कार इस सप्ताह घोषित किए जाने वाले पांचवें नोबेल पुरस्कार के रूप में बताया गया है। इससे पहले साहित्य, रसायन विज्ञान, भौतिकी और चिकित्सा के क्षेत्र में पुरस्कारों की घोषणा हुई।
नावी पिल्लै को पुरस्कार के साथ 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना यानी करीब 11.66 करोड़ रुपये की राशि भी मिलेगी। उन्हें 10 दिसंबर को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
गौरतलब है कि 2025 में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था।
भारतीय तमिल परिवार में हुआ था जन्म
नावी पिल्लै का जन्म 23 दिसंबर 1941 को एक भारतीय तमिल परिवार में हुआ था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया। वकील के रूप में उन्होंने नेल्सन मंडेला सहित कई राजनीतिक बंदियों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया।
उनके कानूनी और मानवाधिकार संबंधी योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। वह वर्ष 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त भी रह चुकी हैं।
नोबेल समिति के अनुसार, उनके शुरुआती कानूनी कार्यों से लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालतों में न्यायाधीश के रूप में उनकी भूमिका तक, उनके काम में शांति और न्याय का संदेश दिखाई देता है।



