दिल्ली में घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली सरकार की नई सौर ऊर्जा नीति के तहत 21 सितंबर से 9 अक्टूबर के बीच 77,614 से ज्यादा परिवारों ने पंजीकरण कराया है। सरकार की ओर से तीन किलोवाट तक के सोलर सिस्टम का पूरा खर्च उठाने की घोषणा के बाद इस योजना को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन 19 दिनों में हर दिन औसतन 4,300 से ज्यादा परिवारों ने सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदन किया। ग्रामीण इलाकों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी इस योजना में रुचि दिखा रहे हैं।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2028 तक राजधानी में 2.30 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का है।
पूर्वी और मध्य दिल्ली से सबसे ज्यादा आवेदन
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदन मिले हैं। पूर्वी और मध्य दिल्ली इस मामले में सबसे आगे रहे।
- पूर्वी और मध्य दिल्ली: 27,197 आवेदन
- उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली: 26,788 आवेदन
- दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली: 23,925 आवेदन
इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में लोग बिजली के बिल को कम करने और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
पहले 10 साल में लगे सिर्फ 13 हजार सोलर पैनल
दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की कोशिश पहले भी की गई थी, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी रही। वर्ष 2016 में तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार ने सौर ऊर्जा नीति लागू की थी। इसके बाद अगले 10 वर्षों में करीब 13 हजार सोलर पैनल ही लगाए जा सके।
अब मौजूदा सरकार ने इस रफ्तार को बढ़ाने के लिए मार्च 2028 तक 2.30 लाख सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है।
केंद्र की 78 हजार और दिल्ली सरकार की 30 हजार रुपये की सहायता
दिल्ली में वर्ष 2025 में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई थी। इस योजना के तहत तीन किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देती है।
सरकार का दावा है कि इस सहायता से सोलर पैनल लगवाना लोगों के लिए आसान हुआ है। नई नीति के तहत तीन किलोवाट तक के सिस्टम का पूरा खर्च उठाने की घोषणा के बाद आवेदन की संख्या में और तेजी आई है।
बिजली का बिल कम करना है सरकार का लक्ष्य
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि रूफटॉप सोलर योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना और लोगों के मासिक बिजली बिल में कटौती करना है।
उन्होंने ग्रामीण इलाकों और अनधिकृत कॉलोनियों से मिल रही प्रतिक्रिया पर खुशी जताई। लोगों को योजना की जानकारी देने और पंजीकरण में सहायता करने के लिए बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) अलग-अलग जगहों पर कैंप भी लगा रही हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से दिल्ली में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा और ज्यादा परिवार अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली के खर्च में बचत कर सकेंगे।



