दिल्ली विधानसभा परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नए इंतजाम किए जा रहे हैं। परिसर में सात नए निगरानी टावर बनाए जाएंगे। इनमें से एक टावर का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, सुरक्षा में तैनात जवानों की गश्त के लिए अलग रास्ता बनाया जा रहा है। गाड़ियों की जांच के लिए आधुनिक व्यवस्था और परिसर में आने-जाने वाले लोगों की पहचान दर्ज करने के लिए डिजिटल सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार, 19 अक्टूबर को इन सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल में विधानसभा परिसर में हुई सुरक्षा चूक के बाद सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। उस समय एक अज्ञात कार विधानसभा परिसर के अंदर घुस गई थी।
CRPF के जवानों के लिए बनेगा अलग गश्ती मार्ग
विधानसभा की चारदीवारी के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के लिए विशेष गश्ती मार्ग बनाया जा रहा है।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, इस मार्ग का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इससे सुरक्षा कर्मियों को परिसर की सीमा पर नियमित गश्त करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
निगरानी टावरों पर तैनात होंगे CRPF के जवान
विधानसभा परिसर के सामने और पीछे के हिस्सों के साथ स्वागत कक्ष के पीछे भी निगरानी टावर बनाए जाएंगे। इन टावरों पर CRPF के जवान तैनात रहेंगे।
इनका मुख्य उद्देश्य परिसर के संवेदनशील इलाकों पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद करना है।
गाड़ियों की जांच और डिजिटल पहचान की भी होगी व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए विधानसभा परिसर में आने वाली गाड़ियों की जांच के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। इसके साथ ही, परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान का रिकॉर्ड रखने के लिए डिजिटल सिस्टम विकसित करने की योजना है।
फिलहाल, दिल्ली विधानसभा परिसर में करीब 120 CCTV कैमरे लगे हुए हैं। नए निगरानी टावरों और अन्य सुरक्षा उपायों के लागू होने से परिसर की निगरानी और मजबूत होने की उम्मीद है।



