आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदरा इलाके में चर्चित बाथरूम हत्याकांड में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रूबी शर्मा को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया।
अदालत में पेशी के दौरान रूबी शर्मा मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी बेटियों का भविष्य बनाना चाहती थी, लेकिन अब मेरे हाथों ही सब कुछ बर्बाद हो गया।”
वहीं, मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस ने अदालत से रूबी शर्मा की रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान हत्या की साजिश, वारदात कैसे हुई और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं, इन सभी पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
44 दिन तक बाथरूम के नीचे दफन रहा शव
पुलिस जांच के अनुसार, रूबी शर्मा पर अपने 44 वर्षीय पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या करने का आरोप है। आरोप है कि हत्या के बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया गया, ताकि किसी को वारदात की भनक न लगे।
करीब 44 दिनों तक पति के लापता होने को लेकर अलग-अलग बातें कही जाती रहीं, लेकिन पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हो गया। इस घटना ने आगरा ही नहीं, पूरे प्रदेश को झकझोर दिया।
कोर्ट में क्या बोली रूबी शर्मा?
अदालत में पेशी के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए रूबी शर्मा ने कहा, “मैं अपनी बेटियों का भविष्य बनाना चाहती थी, लेकिन अब सब कुछ मैंने ही उजाड़ दिया।”
उसके इस बयान ने मामले को भावनात्मक मोड़ दे दिया। वहीं, एसीपी हरिपर्वत अमीषा ने कहा कि बेटियों की मदद के लिए वह अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास करेंगी।
पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
रिमांड के दौरान पुलिस कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। इनमें प्रमुख रूप से-
- हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई?
- क्या वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी?
- शव को बाथरूम के नीचे दफनाने की तैयारी कैसे की गई?
- क्या आरोपी को किसी ने मदद पहुंचाई?
- हत्या के बाद सबूत छिपाने की साजिश कैसे रची गई?
एसीपी हरिपर्वत अमीषा के मुताबिक, रिमांड के दौरान इन सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
