तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शुक्रवार (11 सितंबर 2026) को बताया कि सोमवार (14 सितंबर) को फारस की खाड़ी से जुड़े देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में ईरान और इराक भी शामिल होंगे।
बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य पर होगी चर्चा
इस बैठक में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कमर्शियल जहाजों के लिए सुरक्षित समुद्री रास्ता तैयार करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजों पर भी चर्चा होगी।
क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाना चाहता है ईरान
इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान क्षेत्र के देशों के बीच भरोसा और सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ईरान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूत करना है।
बघाई के मुताबिक, इसके लिए क्षेत्र को बाहरी देशों के अस्थिर करने वाले और विभाजनकारी हस्तक्षेप से मुक्त रखना जरूरी है।
उन्होंने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से जुड़े देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने को महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बैठक से आपसी समझ बढ़ेगी और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।
ईरान-ओमान के बीच सुरक्षित नौवहन को लेकर सहमति
ईरानी समाचार एजेंसी वाना की रिपोर्ट के अनुसार, बघाई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थायी नौवहन मार्ग को लेकर ईरान और ओमान के बीच बनी सहमति का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है।
अमेरिका पर ईरान ने लगाया आरोप
हालांकि, बघाई ने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाइयां और गैर-कानूनी हस्तक्षेप जारी रहेंगे, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होने वाले समुद्री व्यापार की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
उन्होंने समुद्री नाकेबंदी और आर्थिक दबाव को भी इसी तरह की कार्रवाइयों में शामिल बताया।
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