महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी गांव में एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के हनुमान मंदिर परिसर में बने सभा मंडप का पिलर और छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 8 से 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं, छत के गिरे हुए मलबे के नीचे करीब 30 से 40 श्रद्धालुओं के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक पांच से छह श्रद्धालुओं के शव मलबे के नीचे से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि अबतक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
बता दें कि यह दर्दनाक हादसा परभणी तालुका के यशवाड़ी गांव में शनिवार की दोपहर उस समय हुआ, जब पूरा परिसर बजरंगबली के जयकारों से गूंज रहा था. शनिवार का विशेष दिन होने के कारण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब सभा मंडप के नीचे बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे, तभी अचानक एक भयानक कड़कड़ाहट के साथ मंडप के मुख्य पिलर मुड़ गए और कंक्रीट की भारी-भरकम छत सीधे भक्तों के ऊपर भरभराकर गिर गई.
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय युवकों और ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया. सूचना मिलते ही परभणी जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें क्रेन, कटर और पोकलेन मशीनों के साथ यशवाड़ी गांव पहुंचीं और मलबे के नीचे दबे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने और उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए राहत कार्य चलाया जा रहा है.
