मनोरंजन पत्रकारिता में दो दशक से अधिक समय बिताने के बाद नीरू शर्मा अब फिल्म लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत कर चुकी हैं। उनकी पहली फिल्म ‘बांद्रा बॉय’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों की प्रतियोगिता श्रेणी में भेजा गया है।

वर्षों तक फिल्म और टेलीविजन उद्योग को करीब से कवर करने के बाद नीरू शर्मा(Neeru sharma) ने फिल्म निर्माण की ओर रुख किया। उन्होंने सुभाष घई के प्रतिष्ठित संस्थान व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल से निर्देशन का प्रशिक्षण प्राप्त किया और वह संस्थान की पूर्व छात्रा (Alumna) भी हैं।
निर्देशन के साथ-साथ नीरू शर्मा का संबंध लंबे समय से लेखन से भी रहा है। वह स्क्रीनराइटिंग में डिप्लोमा धारक हैं और वर्ष 2015 से लेखन कर रही हैं। अपने प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने वरिष्ठ अभिनेता बोमन ईरानी(BomanIrani) तथा चर्चित पटकथा लेखकों अंजुम राजाबली और मयूर पुरी जैसे नामों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इससे उन्हें पटकथा संरचना, चरित्र निर्माण और सिनेमाई कहानी कहने की बारीकियों को समझने का अवसर मिला।

‘बांद्रा बॉय’ एक थ्रिलर फिल्म है, जो मीडिया नैरेटिव, जनधारणाओं और सामाजिक पूर्वाग्रहों जैसे विषयों को केंद्र में रखती है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि कई बार तथ्यों के सामने आने से पहले ही लोगों के बारे में राय कैसे बना ली जाती है। सोशल मीडिया और तेजी से बदलते सूचना तंत्र के दौर में यह विषय और भी प्रासंगिक माना जा रहा है।
फिल्म में अहवान कुमार मुख्य भूमिका में हैं, जबकि गुजराती और मराठी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता धर्मेंद्र गोहिल एक महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। कलाकारों की टीम में व्हिसलिंग वुड्स के पूर्व छात्र लोचन बरसागड़े, रंगमंच अभिनेता यश पेडणेकर, टेलीविजन अभिनेता पवन तिवारी और श्याम थोंबरे भी शामिल हैं।

फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि पत्रकारिता से फिल्म निर्माण की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ाने वाले लोगों की संख्या सीमित रही है। ऐसे में नीरू शर्मा का यह परिवर्तन विशेष महत्व रखता है। वर्षों तक मनोरंजन उद्योग की खबरों को कवर करने के बाद अब वह कैमरे के दूसरी ओर खड़ी होकर अपनी कहानियां प्रस्तुत कर रही हैं।

फिल्म से जुड़े लोगों के अनुसार, ‘बांद्रा बॉय’ की फिल्म समारोहों की यात्रा शुरू हो चुकी है और आने वाले महीनों में इसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित किए जाने की उम्मीद है। धारणा और वास्तविकता के बीच के संघर्ष को केंद्र में रखने वाली यह फिल्म समकालीन समाज के एक महत्वपूर्ण पहलू को सामने लाने का प्रयास करती है।
‘बांद्रा बॉय’ के साथ नीरू शर्मा उन मीडिया पेशेवरों की सूची में शामिल हो गई हैं जिन्होंने वर्षों तक दूसरों की कहानियां दुनिया तक पहुंचाने के बाद अब अपनी कहानियां कहने का रास्ता चुना है।
