तिब्बत में गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात शक्तिशाली भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.0 दर्ज की गई। इसके बाद करीब तीन घंटे के दौरान क्षेत्र में भूकंप के 12 झटके महसूस किए गए।
भूकंप का झटका स्थानीय समय के अनुसार रात करीब 10 बजकर 33 मिनट पर आया। इसका केंद्र तिब्बत के नगकू शहर की बाकेन काउंटी में बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप के कारण अब तक किसी की मौत या संपत्ति के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
भूकंप के बाद अलर्ट पर आपदा प्रबंधन दल
भूकंप के तेज झटकों के बाद इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, नुकसान को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
तिब्बत का इलाका भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार हलचल होती रहती है। इन प्लेटों के टकराव के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है तिब्बत
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब तिब्बत और आसपास के इलाके हाल की प्राकृतिक आपदाओं से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के बड़े भूस्खलन के कारण भीषण फ्लैश फ्लड आई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना और मौसम की चरम घटनाएं चिंगहाई-तिब्बत पठार में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ा सकती हैं।
तिब्बत में आए इस शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को उजागर किया है। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और नुकसान से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।



