नेपाल-तिब्बत इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में पड़ा है, जहां से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए श्रद्धालु गुजरते हैं। कई भारतीय श्रद्धालु और दूसरे देशों के पर्यटक भी इस इलाके में मौजूद थे।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी लापता हैं। नेपाल में लापता लोगों में भारतीयों के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास अचानक आई बाढ़ ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। पानी के तेज बहाव के साथ बड़े पैमाने पर मलबा नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, पुलों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाका और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग हैं। कई जगह सड़कें और पुल बह जाने से जमीन के रास्ते राहत दलों का पहुंचना मुश्किल हो गया है।
दूसरी बाढ़ का भी खतरा – नेपाल-तिब्बत
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ के बाद एक नई झील बनने और उसके ओवरफ्लो होने से दूसरी बाढ़ का खतरा भी पैदा हुआ है। Reuters के मुताबिक 28 अगस्त को इस झील का पानी बढ़कर बहने लगा, जिसके कारण कुछ इलाकों में बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी की गई।
इस नए खतरे को देखते हुए प्रभावित इलाकों में प्रशासन और बचाव एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
भारत सरकार ने बढ़ाई मदद
भारत सरकार नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों के रेस्क्यू और उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी अपडेट की जा रही है।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए भारत की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश भी जारी है। स्थानीय स्तर पर बचाव दल हेलीकॉप्टर, ड्रोन, नावों और ग्राउंड टीमों की मदद से लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
हजारों लोगों तक पहुंची राहत
आपदा के बाद हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। लेकिन कई इलाकों में अभी भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। AP की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में हजारों लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।
राहत एजेंसियों के सामने भोजन, पानी, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की चुनौती भी बनी हुई है।
नेपाल-तिब्बत में परिवारों की बढ़ी चिंता
लापता भारतीय नागरिकों के परिवार लगातार अपने रिश्तेदारों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। कई परिवारों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से जल्द से जल्द संपर्क स्थापित करने की अपील की है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों के परिवारों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि प्रभावित इलाका पहाड़ी और दुर्गम है तथा कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क और सड़क संपर्क बाधित है।
National Disaster Management Authority
India Meteorological Department
नेपाल-तिब्बत का निष्कर्ष
नेपाल-तिब्बत सीमा की भीषण बाढ़ ने भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। 288 भारतीयों के लापता होने और 63 भारतीयों के सुरक्षित रेस्क्यू की जानकारी सामने आई है। भारत सरकार लगातार नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है और लापता नागरिकों की तलाश तथा सुरक्षित निकासी के प्रयास जारी हैं। वहीं दूसरी बाढ़ के खतरे के कारण प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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