पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया विवाद सामने आया है। आरोपी सिया गोयल के वकालतनामे को लेकर दो वकीलों के दावों से मामला उलझ गया है। वकील आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि सिया गोयल ने उन्हें अपना वकालतनामा दिया है। वहीं, सिया के परिवार ने इस दावे को गलत बताया है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने सिया का वकालतनामा वकील विपुल दुशींग को सौंपा है।
परिवार ने आरोप लगाया कि वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने लॉकअप में सिया को गुमराह कर वकालतनामे पर हस्ताक्षर करवा लिए। इस विवाद के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
वहीं, वडगांव मावल की अदालत में सिया ने खुद कोर्ट के समक्ष कहा कि वकील आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं. इस बीच, इन आरोपों से नाराज आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा है कि वह सिया के परिजनों को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजेंगे. गौरतलब है कि इससे पहले भी वकील आशुतोष श्रीवास्तव वकालतनामे को लेकर दावा कर चुके हैं.
आखिर क्यों बढ़ी लोहगढ़ फोर्ट पर पर्यटकों की संख्या ?
केतन अग्रवाल की हत्या कहां हुई? उसे घाटी में कथित तौर पर कैसे धक्का दिया? यह जानने और घटनास्थल देखने की उत्सुकता में लोहगढ़ किले पर पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है. केवल महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं, बल्कि दिल्ली से भी कुछ पर्यटक केतन हत्याकांड से जुड़े घटनास्थल को देखने के लिए लोहगढ़ पहुंचे हैं.
