बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपने पहले बड़े विदेश दौरे के लिए भारत की बजाय चीन को चुना है। इस फैसले पर पाकिस्तान की भी नजर है। नई दिल्ली में पाकिस्तान के पूर्व हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने कहा कि चीन का यह दौरा भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद सभी यह देख रहे थे कि तारिक रहमान पहले भारत जाएंगे या चीन, लेकिन उन्होंने बीजिंग को प्राथमिकता दी। बासित ने यह भी कहा कि इस दौरे में पाकिस्तान की भी खास दिलचस्पी है।
चीन, भारत या PAK, कहां जाएंगे तारिक?
पाकिस्तान के अब्दुल बासित ने कहा, ‘भारत के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि हम विश्लेषक भी इसी बारे में बात कर रहे थे कि यह देखना होगा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान साहब पहले चीन जाते हैं, भारत, पाकिस्तान या यूके. लोग अपना-अपना आकलन दे रहे थे. हमने इस बारे में भी बात की थी कि तारिक रहमान साहब के लिए यह एक मुश्किल फैसला होगा और क्योंकि यह उनका पहला दौरा होगा, इसलिए वे सोच-समझकर फैसला लेंगे. अब उन्होंने आखिरकार यह फैसला किया कि मुझे पहले चीन जाना चाहिए, लेकिन वे पहले चीन नहीं गए.’
तारिक रहमान मलेशिया दौरा क्यों खास?
उन्होंने कहा, ‘चीन से पहले वे मलेशिया गए तो वे इस बहस से बाहर निकलना चाहते थे कि वे पहले चीन जाएं या भारत, पहली यात्रा कहां की हो? लेकिन अगर आप देखें, तो मलेशिया ठीक है, आप कह सकते हैं कि मैं मलेशिया को कमतर नहीं आंक रहा हूं, मलेशिया एक बहुत महत्वपूर्ण देश है और बांग्लादेश के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण देश है, लेकिन आप कह सकते हैं कि डिप्लोमैटिक तौर पर वे पहले चीन गए, लेकिन उन्होंने पहले मलेशिया का दौरा किया, ताकि कोई यह न कह सके कि मेरा पहला दौरा चीन का था.’
तारिक रहमान का चीन का दौरा दिलचस्प
अब्दुल बासित ने कहा कि तारिक रहमान के चीन दौरे में पाकिस्तान की बड़ी दिलचस्पी है. उन्होंने कहा, ‘इसमें भारत की दिलचस्पी और भी ज्यादा है क्योंकि भारत की इच्छा थी कि तारिक रहमान पहले भारत आएं और उन्हें इसके लिए न्योता भी दिया गया था, लेकिन समस्या यह है कि उस समय भी शेख हसीना साहिबा, जो भारत में हैं, वहां एक दुविधा में हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में शेख हसीना ने एक लेख भी लिखा है. वह लेख पिछली सरकार के बारे में उतना कठोर नहीं है जितना हो सकता था.
